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माराठी और हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता-हास्य कलाकार अतुल परचुरे का निधन

Uma Imagem 7 टिप्पणि 15 अक्तूबर 2024

अतुल परचुरेः वरिष्ठ अभिनेता का निधन

वरिष्ठ मराठी अभिनेता और हास्य कलाकार अतुल परचुरे का समय से पहले निधन, फिल्म जगत के लिए एक बड़ा झटका है। 57 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ और यह उनके परिवार, दोस्तों, और समस्त फैन्स के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। कैंसर से उनका लम्बा संघर्ष रहा, जिसने अंततः उनके जीवन की आपूर्ति की। परचुरे ने मराठी और हिंदी दोनों ही उद्योगों में अपनी अभिनय कला से धूम मचाई थी।

कैंसर से संघर्ष

अतुल परचुरे, जो कि एक अत्यंत प्रतिभाशाली और समर्पित अभिनेता थे, लंबे समय से कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे थे। हालांकि शुरूआत में इन्होंने बीमारी पर विजय प्राप्त की और फिर से काम में जुट भी गए, किन्तु स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के कारण अंततः उनका निधन हो गया। कहा जा रहा है कि कैंसर की वापसी हुई थी, और इससे उन्होंने फिर जूझने का प्रयास किया। लेकिन शारीरिक कमजोरी और बीमारी की जटिलताओं ने उन्हें अंत में झुका ही दिया।

टीवी और फिल्मी सफर

अतुल परचुरे का फिल्मी और टीवी करियर खासा शानदार रहा। 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल', 'कॉमेडी सर्कस', 'यम है हम', और 'आर.के. लक्ष्मण की दुनिया' जैसे शो में उनके हास्यविनोद और अभिनय की प्रशंसा की गई। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अदाकारी ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उन्होंने यह साबित किया कि हास्य अभिनय से भी फिल्म और टेलीविज़न की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी जा सकती है।

थिएटर से जुड़ाव

केवल टेलीविजन और फिल्मों तक सीमित न रहते हुए, अतुल परचुरे ने थिएटर में भी अपनी योग्यता को सिद्ध किया। उन्होंने हाल ही में अपने नए थिएटर नाटक 'सूर्याची पिल्लई' की घोषणा भी की थी। यह नाटक उनके कला प्रेम और थिएटर के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है। उन्होंने थिएटर को एक ऊँचाई देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और बहुत से युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा बने।

परिवार का दुख

उनके निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अतुल परचुरे अपनी मां, पत्नी और बेटी को छोड़ गए हैं, जो उनके बिना जीवन यापन के लिए संघर्ष करेंगे। परिवार और नजदीकी मित्रों के लिए यह अवधि भावनात्मक आघात की है। उनके जाने से उत्पन्न शून्य को भर पाना उनके प्रियजनों के लिए अत्यंत कठिन होने वाला है।

इंडस्ट्री में शोक

अतुल परचुरे का निधन मराठी और हिंदी सिनेमा जगत के लिए एक बड़ा क्षति है। उन्होंने मनोरंजन जगत में जो योगदान दिया, वह कई वर्षों तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। उनके योगदान को सराहते हुए कई फिल्मकार, अभिनेता, और फैन शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनके निधन से इंडस्ट्री में एक ऐसे अभिनेता की कमी हो गई है जो अपनी हर भूमिका को दिल से निभाते थे।

अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि

अतुल परचुरे का अंतिम संस्कार उनके परिवार वालों द्वारा उनकी इच्छानुसार पूर्ण रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। इंडस्ट्री के कई कलाकार और उनके फैंस उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुँचेंगे, जिससे यह स्पष्ट है कि वह कितने अधिक प्रिय और सम्मानित व्यक्ति थे अपने जीवनकाल में।

यादों का एक आकाश

उनकी यादें और उनका काम हमेशा हमारे दिलों में बसे रहेंगे। असंख्य लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाला यह सितारा आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन, उनकी अदाकारी और कला हमेशा कला प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।

7 टिप्पणि

  1. Vijay Paul
    Vijay Paul
    अक्तूबर 15 2024

    अतुल परचुरे जी का निधन एक बड़ी कलात्मक खोट है। उनकी हास्य अदाकारी ने बहुत से लोगों के दिन को रोशन किया। उनकी भूमिकाएँ बस इतनी असली लगती थीं कि आप भूल जाते कि ये कोई अभिनय है।

  2. Rahul Madhukumar
    Rahul Madhukumar
    अक्तूबर 16 2024

    अरे भाई, ये सब बकवास है। अभिनेता तो हर दिन मरते हैं, पर इनका नाम क्यों चल रहा है? इन्होंने तो कुछ भी नहीं किया जो आज तक याद किया जाए। बस कॉमेडी शो में आवाज़ बढ़ाते रहे। असली कलाकार तो राजीव नंदा या अमिताभ हैं।

  3. Khushi Thakur
    Khushi Thakur
    अक्तूबर 17 2024

    मृत्यु एक अनिवार्य वास्तविकता है, लेकिन जब एक कलाकार जिसने अपने जीवन में दर्द को कला में बदल दिया, वह चला जाता है, तो यह केवल एक व्यक्तिगत हानि नहीं, बल्कि एक सामाजिक आत्मा का विलय है। अतुल जी ने दर्द को मुस्कान में ढाला, और आज वह मुस्कान हमें याद दिलाती है कि जीवन क्या है।

  4. Varad Tambolkar
    Varad Tambolkar
    अक्तूबर 18 2024

    ये सब बातें तो ठीक है... पर क्या आपने कभी सोचा कि ये कैंसर जानबूझकर फैलाया गया था? मैंने सुना है कि कुछ फिल्म बॉस अभिनेताओं को निकालने के लिए दवाओं को बदल देते हैं! और ये टीवी शो भी... उन्हें इतना पॉपुलर क्यों बनाया गया? क्या ये एक राजनीतिक ट्रिक है? 🤔👁️‍🗨️💥

  5. RUPESH BUKE
    RUPESH BUKE
    अक्तूबर 19 2024

    अतुल परचुरे जी की अदाकारी अनमोल थी।

  6. Chirag Kamra
    Chirag Kamra
    अक्तूबर 21 2024

    भाई ये आदमी तो जिंदगी भर हंसाता रहा... अब वो खुद हंस रहा होगा ऊपर वाले दरबार में 😭😂 उसकी आवाज़ और अंदाज़ तो अब तक दिमाग में घूम रहा है। जब भी मैं थक जाता हूँ, उसका कोई दृश्य देख लेता हूँ... और फिर दिल हल्का हो जाता है। श्रद्धांजलि, भाई।

  7. Amresh Singh knowledge
    Amresh Singh knowledge
    अक्तूबर 22 2024

    अतुल परचुरे जी के निधन के बाद, हमें अपने शहरों में थिएटर को पुनर्जीवित करने की ज़िम्मेदारी है। उनके नाटकों को विद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाया जाना चाहिए। उनका काम केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक दस्तावेज़ है। हमें उनकी विरासत को संरक्षित करना होगा, न कि बस उनके नाम को याद रखना।

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